वर्ण विचार (Phonology)
विराम चिह्न (Punctuation Marks)
इस पृष्ठ में
बोलते समय हम रुकते हैं, स्वर ऊँचा-नीचा करते हैं, और सुनने वाला अर्थ समझ जाता है। लिखने में वह सहारा नहीं रहता — उसकी भरपाई विराम चिह्न करते हैं।
विराम का अर्थ ही है ठहराव। ये चिह्न बताते हैं कि कहाँ रुकना है, कितना रुकना है, और वाक्य किस भाव से कहा जा रहा है।
चिह्न अर्थ बदल देता है
रोको, मत जाने दो। — जाने से रोक दो।
रोको मत, जाने दो। — जाने दो, रोको नहीं।
अल्प विराम एक स्थान खिसका, और आदेश उलट गया।
प्रमुख विराम चिह्न
| चिह्न | नाम | कहाँ लगता है |
|---|---|---|
| । | पूर्ण विराम | वाक्य पूरा होने पर |
| , | अल्प विराम | थोड़े ठहराव पर |
| ; | अर्ध विराम | पूर्ण से कम, अल्प से अधिक ठहराव पर |
| ? | प्रश्नवाचक चिह्न | प्रश्न पूछने पर |
| ! | विस्मयादिबोधक चिह्न | हर्ष, शोक, आश्चर्य के भाव पर |
| : | उपविराम | कथन से पहले सूचना देने पर |
| — | निर्देशक चिह्न | कथन या विवरण से पहले |
| “ ” | उद्धरण चिह्न | किसी के कहे शब्द ज्यों के त्यों देने पर |
| ( ) | कोष्ठक | अतिरिक्त स्पष्टीकरण के लिए |
| - | योजक चिह्न | दो शब्दों को जोड़ने पर |
| … | लोप चिह्न | कुछ छोड़ देने पर |
1. पूर्ण विराम ( । )
सबसे अधिक प्रयुक्त चिह्न। जहाँ वाक्य पूरा हो और बात समाप्त हो जाए, वहाँ लगता है।
उदाहरण
राम पुस्तक पढ़ता है।
बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
2. अल्प विराम ( , )
जहाँ बोलते समय थोड़ा-सा ठहरना पड़े। इसके प्रयोग के कुछ निश्चित स्थान हैं —
- समान कोटि के शब्दों के बीच — राम, श्याम, मोहन और सोहन आए।
- संबोधन के बाद — भाइयो, ध्यान से सुनिए।
- उपवाक्यों को अलग करने में — जो परिश्रम करता है, वह सफल होता है।
- हाँ / नहीं के बाद — हाँ, मैं जाऊँगा।
3. अर्ध विराम ( ; )
जहाँ ठहराव पूर्ण विराम से कम पर अल्प विराम से अधिक हो। प्रायः दो ऐसे उपवाक्यों के बीच, जो अलग होकर भी पूरे वाक्य बन सकते हों पर अर्थ से जुड़े हों।
उदाहरण
सूर्य निकल आया; अंधकार मिट गया।
उसने बहुत परिश्रम किया; फिर भी सफलता न मिली।
4. प्रश्नवाचक चिह्न ( ? )
प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में।
उदाहरण
तुम कहाँ जा रहे हो?
क्या तुमने भोजन कर लिया?
5. विस्मयादिबोधक चिह्न ( ! )
हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा, संबोधन आदि भाव प्रकट करने वाले शब्दों और वाक्यों के बाद।
उदाहरण
वाह! कितना सुंदर दृश्य है।
हाय! वह चल बसा।
अरे! तुम यहाँ कैसे?
6. उद्धरण चिह्न ( “ ” )
किसी के कहे हुए शब्द ज्यों के त्यों देने पर दुहरा उद्धरण चिह्न लगता है। पुस्तक, पत्रिका, उपनाम या किसी शब्द पर विशेष बल देने के लिए इकहरा ( ‘ ’ ) लगता है।
उदाहरण
गांधी जी ने कहा, “अहिंसा परम धर्म है।”
तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ की रचना की।
निराला का उपनाम ‘महाप्राण’ था।
7. योजक चिह्न ( - )
दो शब्दों को जोड़ने के लिए। समस्त पदों, द्वंद्व समास और पुनरुक्त शब्दों में इसका प्रयोग होता है।
उदाहरण
- माता-पिता
- राजा-रानी
- दिन-रात
- धीरे-धीरे
- सुख-दुःख
- लेन-देन
8. निर्देशक चिह्न ( — )
किसी कथन, उदाहरण या विवरण को आगे प्रस्तुत करने से पहले।
उदाहरण
मोहन ने कहा — मैं कल अवश्य आऊँगा।
हिंदी के तीन प्रमुख कवि हैं — सूर, तुलसी और कबीर।
9. उपविराम ( : )
किसी विषय की सूचना देकर उसका विवरण देने से पहले।
उदाहरण
व्याकरण के तीन अंग हैं: वर्ण विचार, शब्द विचार और वाक्य विचार।
10. कोष्ठक ( ) और लोप चिह्न ( … )
कोष्ठक में वह बात रखी जाती है जो मुख्य वाक्य का अंग नहीं, केवल स्पष्टीकरण है। लोप चिह्न बताता है कि कुछ अंश छोड़ दिया गया है।
उदाहरण
भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850–1885) आधुनिक हिंदी के जनक माने जाते हैं।
उसने कहा, “मैं तो केवल इतना चाहता था कि…”
अभ्यास
-
विराम चिह्न किसे कहते हैं? ये क्यों आवश्यक हैं?
उत्तरलिखित भाषा में अर्थ और भाव स्पष्ट करने के लिए ठहराव दिखाने वाले चिह्नों को विराम चिह्न कहते हैं। बोलते समय ठहराव और स्वर के उतार-चढ़ाव से अर्थ स्पष्ट हो जाता है; लिखने में वह सहारा न होने से यही काम विराम चिह्न करते हैं।
-
हिंदी में पूर्ण विराम के लिए कौन-सा चिह्न प्रयुक्त होता है?
उत्तरखड़ी पाई ( । )। अंग्रेज़ी वाला बिंदु ( . ) हिंदी में केवल संक्षिप्त रूपों में लगता है, जैसे डॉ., ई.पू.।
-
अल्प विराम और अर्ध विराम में क्या अंतर है? उदाहरण दीजिए।
उत्तरअल्प विराम ( , ) थोड़े ठहराव पर लगता है — राम, श्याम और मोहन आए। अर्ध विराम ( ; ) का ठहराव पूर्ण विराम से कम पर अल्प विराम से अधिक होता है, और वह प्रायः ऐसे दो उपवाक्यों के बीच आता है जो अलग होकर भी पूरे वाक्य बन सकें — सूर्य निकल आया; अंधकार मिट गया।
-
योजक और निर्देशक चिह्न में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तरयोजक चिह्न ( - ) छोटा होता है और दो शब्दों को जोड़ता है — माता-पिता, धीरे-धीरे। निर्देशक चिह्न ( — ) लंबा होता है और किसी कथन या विवरण से पहले लगता है — उसने कहा — मैं कल आऊँगा।
-
“रोको मत जाने दो” में विराम चिह्न लगाकर दो भिन्न अर्थ वाले वाक्य बनाइए।
उत्तररोको, मत जाने दो। — अर्थात् जाने से रोक दो। रोको मत, जाने दो। — अर्थात् जाने दो, रोको नहीं। अल्प विराम का स्थान बदलते ही आदेश उलट जाता है।