शब्द विचार (Morphology)
प्रत्यय (Suffix)
Download PDFजो शब्दांश किसी शब्द के अंत में लगकर नया शब्द बनाए, उसे प्रत्यय कहते हैं। इसके दो भेद हैं — कृत् और तद्धित।
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उपसर्ग शब्द के आगे लगता है, प्रत्यय पीछे। लिख धातु के अंत में आवट लगाइए तो लिखावट बनता है, आई लगाइए तो लिखाई। मानव के अंत में ता लगाइए तो मानवता।
उदाहरण
- लिख + आवट = लिखावट
- मानव + ता = मानवता
- पढ़ + आकू = पढ़ाकू
- सुंदर + ता = सुंदरता
प्रत्यय के भेद
प्रत्यय किससे जुड़ रहा है — इस आधार पर दो भेद हैं।
| भेद | किससे जुड़ता है | बना शब्द कहलाता है |
|---|---|---|
| कृत् प्रत्यय | धातु (क्रिया) से | कृदंत |
| तद्धित प्रत्यय | संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण से | तद्धितांत |
1. कृत् प्रत्यय
जो प्रत्यय धातु के अंत में लगकर नया शब्द बनाए, वह कृत् प्रत्यय है। इससे बने शब्द कृदंत कहलाते हैं।
उदाहरण
- लिख + आवट = लिखावट
- पढ़ + आई = पढ़ाई
- चढ़ + आव = चढ़ाव
- गा + अक = गायक
कृत् प्रत्यय के प्रमुख उपभेद:
कर्तृवाचक कृदंत
क्रिया करने वाले का बोध कराए।
| धातु + प्रत्यय | शब्द |
|---|---|
| गा + अक | गायक |
| लिख + अक | लेखक |
| पढ़ + आकू | पढ़ाकू |
| चाल + आक | चालाक |
| रख + वाला | रखवाला |
कर्मवाचक कृदंत
जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े।
उदाहरण
- ओढ़ + ना = ओढ़ना
- बिछ + औना = बिछौना
- खा + ना = खाना
करणवाचक कृदंत
क्रिया के साधन का बोध कराए।
उदाहरण
- झाड़ + ऊ = झाड़ू
- बेल + ना = बेलना
- रेत + ई = रेती
भाववाचक कृदंत
क्रिया के भाव या व्यापार का बोध कराए। ये सबसे अधिक बनते हैं।
| धातु + प्रत्यय | शब्द |
|---|---|
| लिख + आवट | लिखावट |
| पढ़ + आई | पढ़ाई |
| घबरा + आहट | घबराहट |
| चढ़ + आव | चढ़ाव |
| दौड़ + अ | दौड़ |
विशेषणवाचक कृदंत
उदाहरण
- भाग + ता = भागता
- थक + आ = थका
- लूट + एरा = लुटेरा
2. तद्धित प्रत्यय
जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के अंत में लगे, वह तद्धित प्रत्यय है। इससे बने शब्द तद्धितांत कहलाते हैं।
भाववाचक तद्धित
| मूल शब्द + प्रत्यय | शब्द |
|---|---|
| मानव + ता | मानवता |
| सुंदर + ता | सुंदरता |
| बच्चा + पन | बचपन |
| मित्र + ता | मित्रता |
| गरीब + ई | गरीबी |
| चतुर + आई | चतुराई |
संबंधवाचक तद्धित
उदाहरण
- नाना + आल = ननिहाल
- लोहा + आर = लोहार
- भारत + ईय = भारतीय
ऊनवाचक (लघुता बताने वाले) तद्धित
उदाहरण
- डिब्बा + इया = डिबिया
- खाट + इया = खटिया
- टोकरा + ई = टोकरी
अपत्यवाचक (संतान बताने वाले) तद्धित
उदाहरण
- वसुदेव + अ = वासुदेव
- मनु + अ = मानव
- रघु + अ = राघव
स्त्री प्रत्यय
लिंग बदलने वाले प्रत्यय भी तद्धित के ही अंतर्गत आते हैं।
उदाहरण
- ई — लड़का से लड़की
- इन — धोबी से धोबिन
- आनी — सेठ से सेठानी
- नी — मोर से मोरनी
उपसर्ग और प्रत्यय एक साथ
कई शब्दों में दोनों लगते हैं।
| शब्द | विच्छेद |
|---|---|
| अपमानित | अप + मान + इत |
| निर्भयता | निर् + भय + ता |
| सुशीलता | सु + शील + ता |
| अनुशासित | अनु + शासन + इत |
अभ्यास
-
कृत् और तद्धित प्रत्यय में क्या अंतर है?
उत्तरकृत् प्रत्यय धातु (क्रिया) के अंत में लगता है और उससे बने शब्द कृदंत कहलाते हैं — जैसे लिख + आवट = लिखावट। तद्धित प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के अंत में लगता है और उससे बने शब्द तद्धितांत कहलाते हैं — जैसे मानव + ता = मानवता।
-
“घबराहट” और “बचपन” — दोनों का प्रत्यय बताइए और भेद कीजिए।
उत्तरघबराहट = घबरा + आहट, कृत् प्रत्यय (मूल “घबरा” धातु है)। बचपन = बच्चा + पन, तद्धित प्रत्यय (मूल “बच्चा” संज्ञा है)।
-
“निर्भयता” का उपसर्ग और प्रत्यय सहित विच्छेद कीजिए।
उत्तरनिर् + भय + ता। “निर्” उपसर्ग है और “ता” तद्धित प्रत्यय।
-
कर्तृवाचक कृदंत के तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तरगायक (गा + अक), लेखक (लिख + अक), पढ़ाकू (पढ़ + आकू)। ये सब क्रिया करने वाले का बोध कराते हैं।
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ऊनवाचक तद्धित प्रत्यय क्या बताते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तरये लघुता या छोटापन बताते हैं — जैसे डिब्बा से डिबिया, खाट से खटिया।