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Hindi vyakaran

शब्द विचार (Morphology)

अव्यय (Indeclinable)

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इस पृष्ठ में

संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया — ये चारों वाक्य में अपना रूप बदलते हैं। लड़का से लड़के, अच्छा से अच्छी, जाता से जाती। पर कुछ शब्द ऐसे भी हैं जो कभी नहीं बदलते।

वाक्य में

राम और श्याम आए।

सीता और गीता आईं।

लड़के और लड़कियाँ आए।

तीनों वाक्यों में लिंग और वचन बदले, पर और ज्यों का त्यों रहा। ऐसे शब्द अव्यय कहलाते हैं — अर्थात् जिनमें व्यय (क्षय, परिवर्तन) न हो। इन्हें अविकारी शब्द भी कहते हैं।

अव्यय के भेद

1. क्रिया विशेषण अव्यय

जो क्रिया की विशेषता बताए। इसके चार उपभेद हैं — कालवाचक, स्थानवाचक, रीतिवाचक और परिमाणवाचक।

उदाहरण

  • आज
  • यहाँ
  • धीरे
  • बहुत
  • प्रतिदिन

वाक्य में

वह आज धीरे चल रहा है।

2. संबंधबोधक अव्यय

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उसका संबंध वाक्य के दूसरे शब्दों से जोड़े।

उदाहरण

  • के पास
  • के ऊपर
  • के बिना
  • के लिए
  • की ओर
  • के कारण

वाक्य में

मेज़ के ऊपर पुस्तक है।

वह धन के बिना दुखी है।

3. समुच्चयबोधक अव्यय

जो शब्द दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़े। इसे योजक भी कहते हैं।

उदाहरण

  • और
  • तथा
  • किंतु
  • परंतु
  • या
  • क्योंकि
  • इसलिए

समुच्चयबोधक के दो भेद हैं:

भेदकार्यउदाहरण
समानाधिकरणसमान स्तर के वाक्यों को जोड़ेऔर, तथा, किंतु, या, अथवा
व्यधिकरणमुख्य वाक्य से आश्रित उपवाक्य जोड़ेक्योंकि, ताकि, यद्यपि, जो

वाक्य में

राम आया और श्याम गया। — समानाधिकरण

वह नहीं आया क्योंकि वह बीमार था। — व्यधिकरण

4. विस्मयादिबोधक अव्यय

जो शब्द हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा आदि भाव प्रकट करे। इसके बाद प्रायः विस्मयादिबोधक चिह्न (!) लगता है।

भावशब्द
हर्षवाह!, आहा!, शाबाश!
शोकहाय!, ओह!, अरे!
आश्चर्यक्या!, ओहो!, अरे!
घृणाछिः!, धिक्!
संबोधनहे!, अजी!, अरे!

वाक्य में

वाह! कितना सुंदर दृश्य है।

हाय! वह चला गया।

निपात

कुछ व्याकरणों में एक पाँचवाँ भेद निपात भी माना जाता है। ये वे अव्यय हैं जो किसी शब्द या वाक्य पर बल देते हैं।

उदाहरण

  • ही
  • भी
  • तो
  • तक
  • मात्र
  • भर
  • केवल

तुलना कीजिए

राम ने आम खाया। — साधारण कथन

राम ने ही आम खाया। — बल राम पर

राम ने आम ही खाया। — बल आम पर

निपात हटा देने पर वाक्य का अर्थ बना रहता है, केवल ज़ोर समाप्त हो जाता है। यही निपात की पहचान है।

विकारी और अविकारी का सारांश

विकारी शब्दअविकारी शब्द (अव्यय)
संज्ञाक्रिया विशेषण
सर्वनामसंबंधबोधक
विशेषणसमुच्चयबोधक
क्रियाविस्मयादिबोधक

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. अव्यय किसे कहते हैं, और इसे अविकारी शब्द क्यों कहा जाता है?

    उत्तरजिन शब्दों का रूप लिंग, वचन, कारक या काल के कारण नहीं बदलता, उन्हें अव्यय कहते हैं। इन्हीं में विकार (परिवर्तन) नहीं होता, इसलिए इन्हें अविकारी शब्द कहा जाता है।

  2. “वह ऊपर बैठा है” और “वह छत के ऊपर बैठा है” — दोनों में “ऊपर” का भेद बताइए।

    उत्तरपहले में क्रिया विशेषण, दूसरे में संबंधबोधक। संबंधबोधक के पहले सदा कोई संज्ञा या सर्वनाम होता है — यहाँ “छत”।

  3. समुच्चयबोधक के दो भेद कौन-से हैं?

    उत्तरसमानाधिकरण (और, किंतु, या — समान स्तर के वाक्यों को जोड़े) और व्यधिकरण (क्योंकि, ताकि, यद्यपि — मुख्य वाक्य से आश्रित उपवाक्य जोड़े)।

  4. निपात किसे कहते हैं? “राम ने ही आम खाया” में निपात छाँटिए।

    उत्तरजो अव्यय किसी शब्द या वाक्य पर बल देते हैं, उन्हें निपात कहते हैं — जैसे ही, भी, तो, तक। इस वाक्य में निपात “ही” है, जो बल राम पर डाल रहा है।

  5. चार विकारी और चार अविकारी शब्द-भेद गिनाइए।

    उत्तरविकारी — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया। अविकारी — क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक।

सम्बंधित विषय

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हिंदी और रोमन — दोनों में खोजा जा सकता है।