वाक्य विचार (Syntax)
वाक्य के भेद (Types of Sentences)
Download PDFसार्थक शब्द-समूह जो पूरा अर्थ दे, वाक्य है। रचना के आधार पर तीन और अर्थ के आधार पर आठ भेद होते हैं।
इस पृष्ठ में
शब्द अकेले पूरा अर्थ नहीं देते। राम, पुस्तक, पढ़ना — तीनों सार्थक शब्द हैं, पर इनसे कोई बात पूरी नहीं होती। जब ये एक क्रम और नियम से जुड़ते हैं — राम पुस्तक पढ़ता है — तब वाक्य बनता है।
वाक्य के अंग
हर वाक्य के दो अनिवार्य अंग होते हैं।
उद्देश्य — वाक्य में जिसके विषय में कुछ कहा जाए। विधेय — उद्देश्य के विषय में जो कुछ कहा जाए।
| वाक्य | उद्देश्य | विधेय |
|---|---|---|
| राम पुस्तक पढ़ता है। | राम | पुस्तक पढ़ता है |
| छोटा बालक तेज़ दौड़ता है। | छोटा बालक | तेज़ दौड़ता है |
| मेरे मित्र ने पत्र लिखा। | मेरे मित्र ने | पत्र लिखा |
वाक्य के दो आधारों पर भेद किए जाते हैं — रचना के आधार पर और अर्थ के आधार पर।
रचना के आधार पर वाक्य के भेद
यह वर्गीकरण देखता है कि वाक्य में कितनी क्रियाएँ हैं और उपवाक्य किस प्रकार जुड़े हैं।
1. सरल वाक्य
जिसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो, अर्थात् एक ही मुख्य क्रिया हो।
उदाहरण
राम पुस्तक पढ़ता है।
बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
परिश्रमी विद्यार्थी सदा सफल होता है।
2. संयुक्त वाक्य
जिसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हों। यहाँ हर उपवाक्य अलग होकर भी पूरा वाक्य बन सकता है।
उदाहरण
वह आया और सब चले गए।
मैंने बहुत समझाया परंतु वह नहीं माना।
परिश्रम करो अन्यथा असफल हो जाओगे।
प्रमुख योजक — और, तथा, एवं, या, अथवा, परंतु, किंतु, लेकिन, अन्यथा, इसलिए।
3. मिश्र वाक्य
जिसमें एक मुख्य उपवाक्य हो और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य, जो व्यधिकरण समुच्चयबोधक से जुड़े हों। आश्रित उपवाक्य अकेला खड़ा नहीं हो सकता।
उदाहरण
जो परिश्रम करता है, वह सफल होता है।
मैं जानता हूँ कि वह ईमानदार है।
जब वर्षा हुई, तब किसान प्रसन्न हुए।
प्रमुख योजक — कि, जो, जब, तब, यदि, तो, यद्यपि, तथापि, क्योंकि, ताकि।
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
यह वर्गीकरण देखता है कि वाक्य किस भाव या उद्देश्य से कहा जा रहा है। इसके आठ भेद हैं।
| भेद | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| विधानवाचक | किसी बात का होना बताए | राम पुस्तक पढ़ता है। |
| निषेधवाचक | किसी बात का न होना बताए | राम पुस्तक नहीं पढ़ता। |
| प्रश्नवाचक | प्रश्न पूछे | क्या राम पुस्तक पढ़ता है? |
| आज्ञावाचक | आज्ञा, अनुरोध या उपदेश दे | पुस्तक पढ़ो। |
| इच्छावाचक | इच्छा, आशीर्वाद या कामना प्रकट करे | ईश्वर तुम्हें सफलता दे। |
| संदेहवाचक | संदेह या संभावना प्रकट करे | संभवतः वह आ चुका होगा। |
| संकेतवाचक | एक बात का दूसरी पर निर्भर होना बताए | यदि वर्षा होगी तो फ़सल अच्छी होगी। |
| विस्मयादिबोधक | हर्ष, शोक, आश्चर्य प्रकट करे | वाह! कितना सुंदर दृश्य है। |
एक ही बात, आठ रूपों में
विधानवाचक — तुम विद्यालय जाते हो।
निषेधवाचक — तुम विद्यालय नहीं जाते।
प्रश्नवाचक — क्या तुम विद्यालय जाते हो?
आज्ञावाचक — विद्यालय जाओ।
इच्छावाचक — ईश्वर करे तुम विद्यालय जाओ।
संदेहवाचक — शायद तुम विद्यालय जाते हो।
संकेतवाचक — यदि तुम विद्यालय जाते तो उत्तीर्ण होते।
विस्मयादिबोधक — अरे! तुम विद्यालय जाते हो!
अभ्यास
-
वाक्य की परिभाषा दीजिए और उसके दो अंग बताइए।
उत्तरशब्दों का ऐसा सार्थक समूह जिससे पूरा अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है। इसके दो अंग हैं — उद्देश्य (जिसके विषय में कुछ कहा जाए) और विधेय (जो कुछ कहा जाए)।
-
“छोटा बालक तेज़ दौड़ता है” में उद्देश्य और विधेय अलग कीजिए।
उत्तरउद्देश्य — छोटा बालक। विधेय — तेज़ दौड़ता है। उद्देश्य के साथ लगा विशेषण उसी का अंग होता है, इसलिए पूरा “छोटा बालक” उद्देश्य है।
-
रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तरतीन — सरल (राम पुस्तक पढ़ता है), संयुक्त (वह आया और सब चले गए), और मिश्र (मैं जानता हूँ कि वह ईमानदार है)।
-
संयुक्त और मिश्र वाक्य में भेद करने की कसौटी क्या है?
उत्तरउपवाक्यों को अलग कर दीजिए। यदि दोनों अपने आप में पूरे वाक्य बने रहें तो संयुक्त वाक्य है; यदि एक अधूरा रहे और दूसरे पर आश्रित हो तो मिश्र वाक्य है।
-
संदेहवाचक और संकेतवाचक वाक्य में अंतर उदाहरण सहित बताइए।
उत्तरसंदेहवाचक में वक्ता स्वयं निश्चित नहीं होता और शायद, संभवतः जैसे शब्द आते हैं — “संभवतः वह आ चुका होगा।” संकेतवाचक में एक घटना दूसरी की शर्त होती है और यदि–तो का ढाँचा बनता है — “यदि वर्षा होगी तो फ़सल अच्छी होगी।”