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वाक्य विचार (Syntax)

वाक्य परिवर्तन (Sentence Transformation)

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अर्थ बदले बिना वाक्य की रचना बदलना — सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्यों का परस्पर रूपांतरण।

उन्नत गहन अध्ययन अंतिम बदलाव
इस पृष्ठ में

एक ही बात कई ढंग से कही जा सकती है। रचना बदल जाती है, पर अर्थ वही रहता है — यही वाक्य परिवर्तन है।

एक ही बात, तीन रचनाएँ

सरल — परिश्रमी व्यक्ति सफल होता है।

संयुक्त — व्यक्ति परिश्रम करता है और सफल होता है।

मिश्र — जो व्यक्ति परिश्रम करता है, वह सफल होता है।

रचना पहचानने का सूत्र

परिवर्तन से पहले यह पहचानना आवश्यक है कि वाक्य किस रचना का है।

रचनापहचान
सरलएक ही मुख्य क्रिया
संयुक्तऔर, परंतु, तथा, या, इसलिए जैसे योजक
मिश्रकि, जो, जब, यदि, क्योंकि जैसे योजक

1. सरल से संयुक्त वाक्य

सरल वाक्य की असमापिका क्रिया या पदबंध को अलग क्रिया बनाकर योजक से जोड़ दीजिए।

सरलसंयुक्त
वह खाना खाकर सो गया।उसने खाना खाया और सो गया।
परिश्रम करने पर सफलता मिलती है।परिश्रम करो और सफलता मिलेगी।
सूर्य निकलते ही अंधकार मिट गया।सूर्य निकला और अंधकार मिट गया।
बीमार होने के कारण वह नहीं आया।वह बीमार था इसलिए नहीं आया।

2. सरल से मिश्र वाक्य

सरल वाक्य के किसी पदबंध को आश्रित उपवाक्य में बदल दीजिए।

सरलमिश्र
परिश्रमी व्यक्ति सफल होता है।जो व्यक्ति परिश्रम करता है, वह सफल होता है।
मुझे उसकी ईमानदारी का पता है।मुझे पता है कि वह ईमानदार है।
वर्षा होने पर फ़सल अच्छी होगी।यदि वर्षा होगी, तो फ़सल अच्छी होगी।
सामने वाले घर का लड़का डॉक्टर है।जो लड़का सामने वाले घर में रहता है, वह डॉक्टर है।

3. मिश्र से सरल वाक्य

आश्रित उपवाक्य को पदबंध में बदल दीजिए — अर्थात् उसकी क्रिया हटाकर उसे शब्द-समूह बना दीजिए।

मिश्रसरल
जो लड़का कल आया था, वह मेरा मित्र है।कल आया हुआ लड़का मेरा मित्र है।
जब वर्षा हुई, तब किसान प्रसन्न हुए।वर्षा होने पर किसान प्रसन्न हुए।
मैं जानता हूँ कि वह निर्दोष है।मुझे उसकी निर्दोषता का ज्ञान है।
यदि तुम पढ़ोगे, तो उत्तीर्ण हो जाओगे।पढ़ने पर उत्तीर्ण हो जाओगे।

4. संयुक्त से सरल वाक्य

दोनों स्वतंत्र क्रियाओं में से एक को असमापिका बना दीजिए और योजक हटा दीजिए।

संयुक्तसरल
उसने खाना खाया और सो गया।वह खाना खाकर सो गया।
वह आया और सब चले गए।उसके आते ही सब चले गए।
मैं बाज़ार गया और सामान लाया।मैं बाज़ार जाकर सामान लाया।

5. संयुक्त से मिश्र वाक्य

योजक बदल दीजिए — समानाधिकरण योजक (और, परंतु) के स्थान पर व्यधिकरण योजक (कि, जो, यदि, क्योंकि) रख दीजिए।

संयुक्तमिश्र
वह बीमार था इसलिए नहीं आया।वह नहीं आया क्योंकि वह बीमार था।
परिश्रम करो अन्यथा असफल हो जाओगे।यदि परिश्रम नहीं करोगे, तो असफल हो जाओगे।
वह धनी है परंतु कंजूस है।यद्यपि वह धनी है, तथापि कंजूस है।

एक दृष्टि में

परिवर्तनक्या करना है
सरल → संयुक्तअसमापिका क्रिया को पूरी क्रिया बनाकर और / इसलिए से जोड़ें
सरल → मिश्रपदबंध को उपवाक्य बनाएँ, जो / कि / यदि लगाएँ
मिश्र → सरलउपवाक्य की क्रिया हटाकर उसे पदबंध बनाएँ
संयुक्त → सरलएक क्रिया को असमापिका बनाएँ, योजक हटाएँ
संयुक्त → मिश्रयोजक बदलें — और के स्थान पर कि / क्योंकि / यदि

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. वाक्य परिवर्तन किसे कहते हैं और उसकी मुख्य शर्त क्या है?

    उत्तरवाक्य का अर्थ ज्यों का त्यों रखते हुए उसकी रचना बदल देना वाक्य परिवर्तन कहलाता है। मुख्य शर्त यह है कि अर्थ न बदले — शब्द और क्रम बदल सकते हैं, पर वाक्य जो कह रहा था वही कहता रहे।

  2. “वह खाना खाकर सो गया” को संयुक्त वाक्य में बदलिए।

    उत्तरउसने खाना खाया और सो गया। यहाँ असमापिका क्रिया “खाकर” को पूरी क्रिया “खाया” बनाकर “और” से जोड़ा गया है।

  3. “परिश्रमी व्यक्ति सफल होता है” को मिश्र वाक्य में बदलिए।

    उत्तरजो व्यक्ति परिश्रम करता है, वह सफल होता है। पदबंध “परिश्रमी व्यक्ति” में क्रिया जोड़कर उसे आश्रित उपवाक्य बना दिया गया।

  4. “जब वर्षा हुई, तब किसान प्रसन्न हुए” को सरल वाक्य में बदलिए।

    उत्तरवर्षा होने पर किसान प्रसन्न हुए। आश्रित उपवाक्य की क्रिया हटाकर उसे पदबंध बना दिया गया।

  5. वाक्य परिवर्तन और वाच्य परिवर्तन में क्या अंतर है?

    उत्तरवाक्य परिवर्तन में वाक्य की रचना बदलती है — सरल से संयुक्त या मिश्र। वाच्य परिवर्तन में कर्ता और कर्म की प्रधानता बदलती है — कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य या भाववाच्य।

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