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शब्द भंडार (Vocabulary)

मुहावरे (Idioms)

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उसने मेरे कान भर दिए — इस वाक्य में किसी ने किसी के कान में कुछ भरा नहीं। अर्थ है — चुगली की। जब कोई वाक्यांश अपना सीधा अर्थ छोड़कर कोई दूसरा अर्थ देने लगे, तो वह मुहावरा कहलाता है।

मुहावरा शब्द अरबी से आया है; हिंदी में इसे वाग्धारा भी कहा जाता है।

मुहावरे की तीन पहचान

पहचानअर्थ
लाक्षणिक अर्थशाब्दिक अर्थ से भिन्न अर्थ देता है
अपूर्णताअकेला वाक्य नहीं बनता, वाक्य का अंश होता है
क्रिया-परिवर्तनवाक्य के अनुसार इसकी क्रिया का रूप बदलता है

शरीर के अंगों से बने मुहावरे

मुहावराअर्थ
आँखों का तारा होनाबहुत प्रिय होना
आँखें चुरानासामना करने से कतराना
आँख का काँटा होनाअत्यंत अप्रिय लगना, शत्रु जैसा खटकना
कान भरनाचुगली करना
कान खड़े होनासचेत हो जाना
नाक में दम करनाबहुत परेशान करना
नाक कटनाप्रतिष्ठा जाना
मुँह की खानाबुरी तरह हारना
दाँतों तले उँगली दबानाहैरान रह जाना
हाथ मलनापछताना
हाथ खींचनासाथ छोड़ देना
सिर पर चढ़ानाअधिक लाड़ करना
पेट में चूहे कूदनातेज़ भूख लगना
कमर कसनातैयार हो जाना

स्वभाव और व्यवहार

मुहावराअर्थ
अंगूठा दिखानासाफ़ इनकार कर देना
आग बबूला होनाअत्यंत क्रोधित होना
आस्तीन का साँपविश्वासघाती मित्र
थाली का बैंगनसिद्धांतहीन व्यक्ति
गिरगिट की तरह रंग बदलनाबार-बार बात बदलना
ईद का चाँद होनाबहुत दिनों बाद दिखाई देना
उँगली पर नचानाअपने वश में कर लेना
चिकना घड़ा होनाकहने का कोई असर न होना

स्थिति और परिणाम

मुहावराअर्थ
टेढ़ी खीरकठिन काम
लोहे के चने चबानाबहुत कठिन काम करना
दाल न गलनासफल न होना
नौ दो ग्यारह होनाभाग जाना
पानी-पानी होनालज्जित होना
चार चाँद लगानाशोभा बढ़ा देना
गागर में सागर भरनाथोड़े शब्दों में बहुत कहना
छक्के छुड़ानाबुरी तरह हरा देना
घी के दीये जलानाबहुत ख़ुशी मनाना
श्रीगणेश करनाआरंभ करना
हवा से बातें करनाबहुत तेज़ दौड़ना

वाक्य में प्रयोग

मुहावरे का अर्थ लिख देना आधा काम है। पूरा काम तब होता है जब वह वाक्य में सहज बैठे।

वाक्य में

गागर में सागर भरना — बिहारी के दोहे गागर में सागर भरते हैं।

लोहे के चने चबाना — इस परीक्षा की तैयारी में उसे लोहे के चने चबाने पड़े।

नौ दो ग्यारह होना — पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया।

आग बबूला होना — बात सुनते ही पिता जी आग बबूला हो उठे।

मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर

आधारमुहावरालोकोक्ति
रूपवाक्यांश — वाक्य का अंशपूरा स्वतंत्र वाक्य
प्रयोगक्रिया वाक्य के अनुसार बदलती हैज्यों का त्यों रहता है
उद्गमभाषा का लाक्षणिक प्रयोगलोक-अनुभव, कहावत
उदाहरणनाक में दम करनानाच न जाने आँगन टेढ़ा

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. मुहावरा और लोकोक्ति में मूल अंतर क्या है?

    उत्तरमुहावरा वाक्यांश होता है — वह वाक्य का अंश है और उसकी क्रिया वाक्य के अनुसार बदलती है। लोकोक्ति स्वयं पूरा वाक्य होती है और ज्यों की त्यों प्रयुक्त होती है।

  2. “चोर नौ दो ग्यारह होकर भाग गया” — इस वाक्य में क्या दोष है?

    उत्तरपुनरुक्ति का दोष। “नौ दो ग्यारह होना” का अर्थ ही भाग जाना है, अतः “भाग गया” जोड़ना अनावश्यक है। शुद्ध रूप होगा — चोर नौ दो ग्यारह हो गया।

  3. “गागर में सागर भरना” का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।

    उत्तरअर्थ — थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह देना। वाक्य — बिहारी के दोहे गागर में सागर भरते हैं।

  4. “आस्तीन का साँप” और “थाली का बैंगन” का अर्थ बताइए।

    उत्तरआस्तीन का साँप अर्थात् विश्वासघाती मित्र, और थाली का बैंगन अर्थात् ऐसा व्यक्ति जिसका कोई सिद्धांत न हो और जो हर ओर ढुलक जाए।

  5. मुहावरे की तीन पहचान कौन-सी हैं?

    उत्तरपहली, वह शाब्दिक अर्थ छोड़कर लाक्षणिक अर्थ देता है। दूसरी, वह अकेले पूरा वाक्य नहीं बनता। तीसरी, वाक्य के अनुसार उसकी क्रिया का रूप बदलता है।

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